विद्यार्थी चुनौतियों का सामना करना सीखें - प्रो. दूगड़

लाडनूँ, 3 सितम्बर। अहिंसा एवं शांति विभाग के अन्तर्गत शिक्षक दिवस पर आयोजित नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागत कार्यक्रम के अवसर पर जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. दूगड़ ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों का सामना करना सीखना चाहिए। शिक्षा से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है। एक नए लक्ष्य के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अहिंसा एवं शांति विषय की महत्ता देश में ही नहीं, विदेशों में भी इसकी बहुत मांग है। विश्व के अनेकों विश्वविद्यालय आज जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय से अनुबंध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विषय से सम्बन्धित सैद्धान्तिक ज्ञान के साथ अहिंसा के प्रायोगिक प्रशिक्षण देना भी जरूरी बताया। कार्यक्रम में विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डाॅ रविन्द्रसिंह राठौड़ ने नवआगन्तुक छात्र-छात्राओं का स्वागत किया तथा उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर सह-आचार्य डाॅ. जुगलकिशोर दाधीच ने कवि मैथिलीशरण गुप्त की कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विभाग के शोधार्थी उपस्थित थे। विभाग के विद्यार्थी काजल चैहान, प्रेरणा जैन ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन कोमल शर्मा ने किया। विभाग के सहायक आचार्य डाॅ. विकास शर्मा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी तथा धन्यवाद ज्ञापित किया।

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