जैन विश्वभारती के अध्यक्ष श्री धरमचन्द लूंकड़ का अभिनंदन समारोह आयोजित

जीवन जीने की कला सिखाता है जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय - श्री राजकुमार रिणवां

लाडनूंँ, 17 सितम्बर, 2016। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के तत्वावधान में सुधर्मा-सभा प्रांगण में आयोजित जैन विश्वभारती के कुलपति श्री के.एल. पटावरी एवं अध्यक्ष श्री धर्मचन्द लूंकड़ के सम्मान में आयोजित सम्मान-समारोह ‘गौरव’ को संबोधित करते हुए समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के खान, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजकुमार रिणवां ने कहा कि जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय अपनी शिक्षा के माध्यम से विश्व-स्तर पर व्यापक पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा-मन्दिरों का माहौल दूषित हो रहा है, ऐसे में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय भावी भविष्य को जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में सेवा का महत्त्वपूर्ण कार्य हो रहा है, यह विशिष्ट बात है।

मुख्य अतिथि श्री रिणवां ने अपने जीवन से जुडे़ प्रसंग प्रस्तुत करते हुए संस्थान के द्वारा दी जा रही नैतिक व मानवीय मूल्यों से प्रेरित शिक्षा को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यहां लौकिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारपरक शिक्षा भी दी जा रही है। यही कारण है कि यह संस्थान देश ही नहीं बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर यूनिक संस्थान के रूप में पहचान रखता है। इससे पूर्व मुख्य अतिथि श्री राज्यमंत्री राजकुमार रिणवां, रैवासा पीठाधीश्वर जगद्गुरु डाॅ. स्वामी श्री राघवाचार्यजी महाराज, विशिष्ट अतिथि विधायक श्री मनोहरसिंह आदि अतिथियों द्वारा जैन विश्वभारती के अध्यक्ष श्री धर्मचन्द लूंकड़ एवं सभी पदाधिकारियों का भव्य अभिनंदन किया गया। स्वास्थ्य कारणों से जैन विश्वभारती के कुलपति के.एल. पटावरी समारोह में नहीं पहुंच सके।

अध्यक्षता करते हुए संस्थान के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने सम्मान-समारोह की पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति में सहयोगी रहे सभी अध्यक्ष एवं कुलपतियों के योगदान की सराहना की। प्रो. दूगड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह संकल्प है कि अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय बुनियादी उद्देश्यों के साथ प्रगति की ओेर बढ़े। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए नैतिक मूल्यों के प्रति आस्था व्यक्त की। प्रो. दूगड़ ने अध्यक्ष श्री धर्मचन्द लूंकड़ को बधाई देते हुए उनके अध्यक्षीय कार्यकाल को उत्कृष्ट बताया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मगध विश्वविद्यालय के प्रो. नलिन के. शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति के कर्म एवं पुरुषार्थ से ही जीवन में महानता के क्षण आते हैं। प्रो. शास्त्री ने मानवीय मूल्य, साधना, आध्यात्मिक जीवन एवं इन्सानियत की चर्चा करते हुए जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय को महत्त्वपूर्ण संस्थान बताया। प्रमुख वक्ता समणी नियोजिका प्रो. समणी ऋजुप्रज्ञा ने जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय का परिचय देते हुए विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों को मानव हितकारी बताया। विशिष्ट अतिथि विधायक मनोहर सिंह ने विश्वविद्यालय को लाडनूँ का गौरव बताया। कार्यक्रम को सान्निध्य प्रदान करते हुए रैवासा पीठाधीश्वर स्वामी श्री राघवाचार्यजी ने कहा कि यह संस्थान वर्तमान युग की जरूरत है, नैतिक शिक्षा के प्रसार से ही देश एवं संस्कृति का विकास संभव है। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी श्री हीरालाल मालू, जैन विश्वभारती के मंत्री श्री अरविन्द गोठी ने भी समारोह को संबोधित किया।

इस अवसर पर राजस्थानी लोकनृत्य एवं लोकगीतों की प्रस्तुतियां राजस्थान के चुनिन्दा कलाकारों द्वारा दी गई। बीकानेर की मानसीसिंह पंवार का भवाई नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित किया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में श्री नेपाल गंग ने संवाहिनी पत्रिका अतिथियों को भेंट की। कार्यक्रम का शुभारम्भ राजस्थानी थीम सांग केशरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश... के साथ हुआ। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मंगल-संगान प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत प्रो. दामोदर शास्त्री, श्री प्रमोद बैद, प्रो. अनिल धर, प्रो. आर.बी.एस. वर्मा, श्री विनोद कक्कड, श्री आर.के. जैन आदि ने किया। कार्यक्रम में जैन विश्वभारती के ट्रस्टी श्री भागचन्द बरड़िया, श्री प्रकाश बैद, श्री जीवनमल मालू, श्री राजकुमार चैरडिया, श्री हनुमानमल जांगिड़, एसडीएम श्री मुरारीलाल शर्मा, श्री प्रतापसिंह कोयल, श्री रमेशसिंह राठौड़, श्री राजेन्द्र माथुर, श्री सुशील पीपलवा, श्रीमती अंजना शर्मा, श्रीमती सुमित्रा आर्य, श्री नीतेश माथुर आदि नगर के अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. आनन्दप्रकाश त्रिपाठी ने किया एवं कुलसचिव प्रो. अनिलधर ने आभार व्यक्त किया।

जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन - इससे पूर्व आचार्य तुलसी महिला छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का उद्घाटन जैन विश्वभारती के अध्यक्ष श्री धर्मचन्द लूंकड़ ने किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित थे।

Read 920 times

Latest from joomlasupport