शिक्षा विभाग में संविधान दिवस का आयोजन

शिक्षा के माध्यम से हो राष्ट्रवाद का विकास: प्रो. जैन

लाडनूँ, 26 नवम्बर, 2016। शिक्षा विभाग, जैन विश्व भारती संस्थान के अन्तर्गत आज संविधान दिवस का आयोजन किया गया। संविधान दिवस का प्रमुख उद्देश्य सभी नागरिकों को संविधान के अनुच्छेद, नियमावली एवं सप्रभुत्व सम्पन्न राष्ट्र के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ संचालिका डाॅ. अमिता जैन के संक्षिप्त अभिवादन के साथ हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय मूल कत्र्तव्यों के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए डाॅ. अदिति गौतम ने कहा कि हमें अपने सामाजिक, पारिवारिक एवं राष्ट्रीय कत्र्तव्यों के प्रति आस्था रखनी चाहिए। राष्ट्रवाद की दिशा में नोटबंदी के अभियान को उन्होंने भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिगत असमानता के समाधान का मुख्य कदम बताया। विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने सभी एम.एड. एवं बी.एड. प्रशिक्षणार्थियों को संवैधानिक अधिकारों तथा कत्र्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षिका के तौर पर बी.एड. छात्राध्यापिकाओं को संविधान को पढ़ने, प्रचारित करने एवं राष्ट्रवाद के प्रति अपने मुख्य दायित्वों को निष्ठापूर्वक निभाने हेतु प्रेरित किया।

डाॅ. अमिता जैन ने संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के मुख्य योगदान पर प्रकाश डाला। डाॅ. गिरिराज भोजक ने कहा कि आदर्श नागरिक निर्माण हेतु शिक्षकों को सदैव तत्पर रहना चाहिए। विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने संविधान दिवस के अवसर पर निर्धारित शपथ दिलवाते हुए छात्राध्यापिकाओं को संविधान और देश की अखण्डता के प्रति सदैव प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पूजा वशिष्ठ, प्रीति स्वामी, अंजू चोयल, सरिता शर्मा आदि छात्राध्यापिकाओं ने विचार अभिव्यक्ति दी और एक प्रेरणास्पद शिक्षक बनने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अमिता जैन ने किया।

Read 682 times

Latest from