JVBI
JVBI Assistant
Online • Reply in 1 min
Enquiry Now
NAAC A Grade
ISO 9001:2015
34+ Years of Excellence
Apply Online
Call : 9461239683

Enquire Now

Our team will contact you shortly.

️ +91
2 + 5
Back to News
General

दो दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन

आयोजना, समयबद्धता और व्यवस्था से संभव होतें हैं श्रेष्ठ प्रशासिनक कार्य

लाडनूँ, 21 जुलाई 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में दो दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार से प्रारंभ किया गया। कुलपति प्रो. बीआर दूगड़ की प्रेरणा से आयोजित किये जा रहे इस कार्यक्रम के मुख्य विशेषज्ञ भगत फूलसिंह महिला विश्वविद्यालय हरियाणा के विनोद कुमार कक्कड़ ने कहा कि हमेशा सुनियोजित, समय-प्रतिबद्ध तथा व्यवस्थित ढंग से प्रशासनिक कार्य किये जाने चाहिएं। हमें अपनी योजना एक वर्ष के लिए नहीं, अपितु कम से कम 10 या 15 वर्ष की बनानी चाहिए, क्योंकि जो संस्थान अपनी योजना अगले वर्ष तक की ही बनाती हैं वह संस्थान इस प्रकार की आपात स्थिति में आगे गति नहीं कर सकती है। इसलिए प्रत्येक कार्य की पूरी योजना बनानी चाहिए और उसको भली-भांति क्रियान्वित करनी चाहिए। प्रत्येक विभाग से अपनी योजना ली जानी चाहिए और उस विभाग के अनुसार बजट और गतिविधि निर्धारित करनी चाहिए। किसी भी कार्य को करने के समय उसकी तारीख सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि समय पर कार्य पूर्ण हो सके। अधिकांशतः देखने में आता है कि बहुत सारे कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं, क्योंकि उनकी समय-प्रतिबद्धता नहीं होती है। इसलिए कार्य की गुणवत्ता और समय का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। ताकि समय पर संस्थान काम करेंगे, तो सरकार के द्वारा भी कार्य समय पर किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में अनेक प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी आयामों से अवगत कराया। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक प्रो. बीएल जैन ने कहा कि ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रम तो इस समय बहुत सारे हो रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय के गैर शैक्षणिक सदस्यों के लिए कोई कार्यक्रम नहीं हुए थे, इसी उद्देश्य से संस्थान द्वारा गैर शैक्षणिक सदस्यों का कौशल विकास किस प्रकार से किया जाए, इसके लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने प्रारम्भ में कार्यक्रम का परिचय और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन मोहन सिंह ने किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में भगत फूलसिंह महिला विश्वविद्यालय हरियाणा के विनोद कुमार कक्कड़ के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालय किशनगढ़ अजमेर के संयुक्त कुलसचिव डाॅ. हरी सिंह परिहार रहे।

निर्बल को सबल व समानता का अवसर देने के लिये है आरक्षण की नीति- डाॅ. परिहार

22 जुलाई 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में दो दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम के द्वितीय दिवस राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय किशनगढ़, अजमेर के कुलसचिव डॉ. हरिसिंह परिहार ने आरक्षण नीति के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुये निर्बल को सबल बनाने, समानता के अवसर प्रदान करने, उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश की नीतियां, सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां, दिव्यांग जनों के लिये भारत सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में की गई आरक्षण नीति तथा रोस्टर तथा रजिस्टर के मेंटेन करना आदि के प्रावधान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 341, 342, 342।, 16, 335 आदि के अंतर्गत जो प्रावधान दिए गए हैं, उनका हमें पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एसी 15 प्रतिशत, ओबीसी 27 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत एवं ईडब्ल्यूएस के लिये 10 प्रतिशत का आरक्षण का प्रावधान है। कार्यक्रम में डॉ. जुगल किशोर दाधीच, डॉ. अनीता जैन, डाॅ. बाबूलाल मीणा, डॉ. प्रभाकर गोस्वामी, डॉ नवनीत शर्मा, डॉ. गायत्री मीणा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. सुशील कुमार, राजेंद्र सिंह, डॉ. सुमन चैधरी, डॉ. हेमलता शर्मा, मनोज कुमार इंदौरिया, डॉ. रेखा वर्मा, डॉ. गीता चैधरी, डॉ. जगदीश कड़वासरा, डॉ. सावित्री माथुर, पंकज भटनागर, कुलसचिव रमेश कुमार मेहता आदि विविध शिक्षाविद्, विद्वान और प्रशासनिक अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। प्रारम्भ में कार्यक्रम का परिचय तथा विशेषज्ञों का स्वागत और अंत में धन्यवाद संयोजक प्रो. बीएल जैन ने अभिव्यक्त किया। संचालन तथा तकनीकी कार्यक्रम मोहन सिंह के द्वारा किया गया।

Share:
Latest News