नींद की कमी से याददाश्त के साथ साथ-निर्णय लेने की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होती है- डॉ. परवेज भाटी
लाडनूं। जैन विश्वभारती संस्थान के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के अन्तर्गत प्राचार्य डॉ. रवीन्द्रसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में सत्र 2026-27 प्रवेश लेने वाली नवागंतुक छात्राओं के लिए त्रिदिवसीय दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आगाज किया गया। कार्यक्रम का प्रथम दिवस तीन सत्रों में संचालित किया गया, जिसके उद्घाटन सत्र में सेठ गणपतराय सरावगी राजकीय चिकित्सालय, लाडनूं के चिकित्सक डॉ. परवेज भाटी तथा अहिंसा एवं शान्ति विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर वन्दना कुण्डलिया अतिथि वक्ता रहे । प्रो. कुण्डलिया ने छात्राओं से सीधे संवादों के जरिये बातचीत के लहजे में अनेक जीवनोपयोगी जानकारियाँ दीं, जिससे कि छात्राएँ भागदौड़ भरी जीवनशैली से मुक्त होकर अपने बेहतर विकास के मार्ग को प्रशस्त कर सकें। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को तनाव मुक्त रहने के लिए कुछ इंटरएक्टिव गेम्स के माध्यम से भी बेहतरीन टिप्स दिए।
कार्यक्रम में चिकित्साधिकारी डॉ. परवेज भाटी ने अपने वक्तव्य में विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन से जुड़ी अनेक जानकारियाँ साझा की तथा शिक्षार्थी जीवन में तनाव मुक्त रहने हेतु समस्याओं का समाधान भी प्रस्तुत किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य एवं खान-पान के बारे में विद्यार्थियों को जागरुक करते हुए कहा कि डिहाइड्रेशन से थकान, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी आती है, इसलिए पढ़ाई के दौरान हमेशा अपने पास पानी की बोतल अवश्य रखें और दिनभर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिएं। साथ ही डॉ. भाटी ने कहा कि नींद की कमी से याददाश्त के साथ साथ-निर्णय लेने की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होती है, अतः परीक्षार्थी को किसी भी परिस्थिति में नींद से समझौता नहीं करना चाहिए। यहाँ तक कि परीक्षा के दिनों में भी कम से कम 6 से 7 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद अवश्य लेनी चाहिए। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ. राठौड़ ने मंचस्थ अतिथियों के स्वागत में स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम में आगन्तुक अतिथि वक्ताओं का पुष्प गुच्छ शाल्यार्पण एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिनंदन भी किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. युवराज सिंह खंगारोत ने नवागंतुक छात्राओं को जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) व उसके अन्तर्गत संचालित सभी विभागों से अवगत कराया तथा प्रायोगिक प्रशिक्षण के तहत कुछ शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से छात्राओं को तनावमुक्त शैक्षिक वातावरण की बेहतरी के लिए प्रोत्साहित भी किया। कार्यक्रम के तीसरे चरण में सभी नवागंतुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में संचालित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक खण्ड का भी भ्रमण करवाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में छात्रा योगिता स्वामी एवं समूह ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। डॉ. प्रगति भटनागर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के सभी सत्रों का संचालन संकाय सदस्य अभिषेक चारण ने किया। वाणिज्य संकाय सदस्य मनीष पारीक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



