लाडनूँ, 09 अक्टूबर 2026। जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय लाडनूं में माननीय कुलपति प्रो. बी.आर.दूगड़ के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों एवं तेरापंथ युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य में रक्तदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग देना था। इस अवसर पर रक्तदान के महत्त्व, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा मानव सेवा की भावना पर बल दिया गया। शिविर के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया गया कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जिससे जरूरतमंद व्यक्तियों का जीवन बचाया जा सकता है। आयोजन में सहयोग एवं सहभागिता के माध्यम से समाज में सेवा, संवेदना और परोपकार के मूल्यों को प्रोत्साहित किया गया। शिविर के दौरान कुल 22 यूनिट रक्त संग्रहीत किया गया, विश्वविद्यालय एवं तेरापंथ युवक परिषद की इस संयुक्त पहल ने सामाजिक सेवा और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त किया। रक्त संग्रहण की समुचित व्यवस्था राजकीय चिकित्सालय लाडनूं के सहयोग से की गयी| इस कार्य में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. पार्थ सारथी अरोड़ा के नेतृत्व में सुनीता गुर्जर एवं कमला नर्सिंग ऑफिसर, टेक्नीशियन जेठाराम, लैब असिस्टेंट श्यामसुंदर शर्मा, सीताराम प्रजापत, बजरंग सैन, पिथाराम जाट एवं रामप्रताप जी का उल्लेखनीय योगदान रहा| इस शिविर के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम प्रभारी श्री अभिषेक चारण एवं इकाई द्वितीय प्रभारी डॉ. अमिता जैन तथा तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष श्री राजेश बोहरा, निवर्तमान अध्यक्ष श्री सुमित मोदी, सहमंत्री श्री नितेश सुराणा, परामर्शक श्री सुनील पटवारी, किशोर मंडल सदस्य श्री अरिहंत गोलछा आदि का योगदान रहा| रक्तदान शिविर मानवता की सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ती है और समाज में सहयोग एवं सेवा की भावना सुदृढ़ होती है। रक्तदान शिविर मानवता की सेवा एवं सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल रहा। विश्वविद्यालय एवं तेरापंथ युवक परिषद का यह संयुक्त प्रयास समाज में स्वैच्छिक रक्तदान, सहयोग एवं परोपकार की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में सराहनीय है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना के सेवा, सहयोग, सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के उद्देश्यों के अनुरूप है। ऐसी गतिविधियाँ स्वयंसेवकों में मानवीय संवेदनशीलता तथा समाज कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने में सहायक होती हैं।




