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संविधान दिवस पर सामुहिक उद्देशिका पठन किया और संकल्प लिया

संविधान दिवस पर सामुहिक उद्देशिका पठन किया और संकल्प लिया

संविधान की रक्षा के लिए समता, एकता और अखंडता जरूरी है- कुलपति

लाडनूँ 26 नवम्बर 2021। जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय में संविधान दिवस पर शुक्रवार को संविधान की उद्देशिका का सामुहिक पठन किया गया तथा कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ की अगुवाई में सामुहिक रूप से शपथ ग्रहण की गई, जिसमें देश के सम्पूर्ण प्रभुत्व, लोकतंत्रात्मक गणराज्य की अवधारणा की मजबूती और समस्त नागरिक अधिकारों की रक्षा के साथ कर्तव्य पालन करते हुए समस्त प्रकार की समता रखने और राष्ट्र की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए दृढ़संकल्प अभिव्यक्त किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने संविधान दिवस की बधाई देते हुए कहा कि देश में विभिन्न समुदायों के जाति, धर्म, वर्ग, प्रांत, भाषा के अनुसार निवास करने वाले लोगों के बीच जरूरी भरोसा और सहयोग विकसित करने का काम संविधान करता है। देश को लोकतांत्रिक पद्धति से संचालित करने की व्यवस्था और सरकारों के अधिकारों की सीमा के साथ नागरिकों के अधिकारों और कर्त्तव्यों का निर्धारण भी संविधान करता है। संविधान ही देश को विकसित और सुदृढ बनाने तथा दिशा निर्धारण करने का काम करता है। कार्यक्रम में प्रो. नलिन शास्त्री ने संविधान की भावनाओं को विस्तार से बताया तथा कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि संविधान का सम्मान करे। प्रो. रेखा तिवाड़ी और डॉ. युवराज सिंह खांगारोत ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की और संविधान के प्रति सम्मान को जरूरी बताया। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार रमेश कुमार मेहता, विताधिकारी राकेश कुमार जैन, डॉ. बलवीर सिंह चारण, पंकज भटनागर, प्रगति चौरड़िया, डॉ. जेपी मिश्रा, दीपाराम खोजा, रमेशदान चारण आदि सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

दिलों को जोड़ता है भारत का संविधान

विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रो. बी.एल. जैन ने कहा कि 26 नवम्बर को संविधान सभा द्वारा संविधान को स्वीकार करने से महत्वपूर्ण दिन बन गया है। भारतीय संविधान के कारण शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक आदि विकास संभव हो पाए हैं। संविधान ने सबको एकता के सूत्र में बांधा तथा जाति, रंग, क्षेत्र के भेद को मिटाया है। हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, जैन आदि सभी धर्मावलम्बियों को दिल से जोड़ने एवं अखंडता को मजबूत बनाने का सुअवसर प्रदान किया है। डॉ. बी.प्रधान ने संविधान संरक्षण की शपथ भी दिलायी। कार्यक्रम में शिक्षा संकाय के डॉ.मनीष भटनागर, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. अमिता जैन, डॉ. सरोज राय, डॉ. आभासिंह, डॉ. गिरिराज भोजक, प्रमोद ओला आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की एमएड, बीएड एवं बीए-बीएड, बीएससी-बीएड की लगभग 94 छात्राओं ने भाग लिया।

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