लाडनूँ,14 अगस्त 2026। जैन विश्वभारती संस्थान में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (छैैद्ध के तत्वावधान में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर कार्यक्रम का आयोजन 14 अगस्त को किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. रविन्द्र सिंह राठौड़ ने उन अनगिनत लोगों को याद किया, जिन्होंने भारतीय इतिहास के सबसे दर्दनाक दौर को झेला था। डॉ. राठौड़ ने कहा कि सन 1947 का वह काला समय, महज हमारी मातृभूमि के नक्शे का बंटवारा ही नहीं था, बल्कि वह लाखों परिवारों, विश्वास और सदियों पुरानी सांझी संस्कृतियों का भी विभाजन था। इस अवसर पर डॉ. राठौड़ ने विभाजन की त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले और अपनों को हमेशा के लिए खोने वाले उन समस्त बेकसूर नागरिकों को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (छैैद्ध इकाई द्वितीय की प्रभारी डॉ. अमिता जैन ने कहा कि 14 अगस्त का दिन हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता का मूल्य बहुत बड़ा है, इसलिए हमें देश की एकता और अखंडता को हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए।



