लाडनूँ, 03 नवम्बर 2026। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में ‘दीपावली एवं मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन शुरू किया गया है। कार्यशाला के प्रथम दिवस विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दीपावली जैसे पर्वों को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ते हुए बताया कि त्योहार केवल बाहरी खुशियों का ही नहीं, बल्कि आंतरिक प्रसन्नता, सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन एवं मानसिक शांति का भी अवसर होते हैं। कार्यशाला के द्वितीय दिवस डॉ. अनुजा धीमन ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं सकारात्मक रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही एक रोचक गतिविधि आयोजित करवाई, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी को दो अलग-अलग पर्चियों पर अपनी इच्छानुसार एक अच्छी आदत, जिसे वह अपने जीवन में अपनाना चाहता है, तथा एक बुरी आदत, जिसे वह छोड़ना चाहता है, लिखने के लिए कहा गया। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्ममंथन एवं स्वयं में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने विद्यार्थियों को अच्छी आदतें अपनाने, नकारात्मकता से दूर रहने तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभाग के समस्त संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




