मनोमानिल्य त्यागें, क्षमा को जीवन में उतारें - प्रो. दूगड़
लाडनूँ, 16 सितम्बर 2026। क्षमा याचना के पावन पर्व पर जैन विश्वभारती संस्थान के सभी सदस्यों ने कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के नेतृत्व में संस्थान के अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण जी से सामूहिक क्षमा याचना की। इससे पूर्व संस्थान में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के संरक्षण तथा मार्गदर्शन में पर्युषण महापर्व 2026 के क्षमापना दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने अध्यक्षता करते हुए बताया कि यह पर्व केवल जैन धर्म के लिए, बल्कि संपूर्ण मानव समुदाय की आत्म शुद्धि के लिए उपयोगी है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि हमें केवल राग द्वेष है, उससे ही नहीं अपितु जिनसे हमारा अत्यधिक प्रेम है उनसे भी क्षमा मांगनी चाहिए। आज के दिन हमें किसी से कोई भी मनोमालिन्य न रखकर आपस में क्षमा मांगने के साथ साथ उदार भावना रखते हुए एक दूसरे को क्षमा भी करना चाहिए। तत्पश्चात शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने पर्युषण महापर्व 2026 के अंतर्गत विभिन्न दिवसों पर आयोजित गतिविधियों के बारे में अपने विचार रखें और सभी से क्षमायाचना की। प्राकृत एवं संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जिनेंद्र कुमार जैन ने भी क्षमापना के इस दिवस की महत्ता को उजागर किया और अपने विभाग की तरफ से क्षमा याचना की। कार्यक्रम में संस्थान के ओएसडी प्रो .अशोक कुमार जैतावत, जैन एवं तुलनात्मक धर्म तथा दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामदेव साहू, योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. युवराज सिंह खंगारोत, अहिंसा एवं शांति विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना कुंडलिया, आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र सिंह राठौड़, कुलसचिव देवाशीष गोस्वामी, वित्ताधिकारी ऋषभ भूतोड़िया, उपकुलसचिव दीपाराम खोजा व अभिनव स्वरूप सक्सेना, सहायक कुलसचिव पंकज भटनागर आदि के साथ सभी शैक्षणिक के गैर शैक्षणिक के सदस्यों सहित विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लिपि जैन ने किया। अंत में डॉ. बलबीर सिंह ने आभार ज्ञापित किया।



